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SPO और सिपाही की हत्या के मामले में घटना के समय नाबालिग समेत चार को उम्रकैद

एक आरोपी की हो चुकी मुठभेड़ में मौत एक अभी भगोड़ा

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सत्य खबर हरियाणा

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Life Imprisonment : सोनीपत के बुटाना गांव में गश्त पर निकले सिपाही रविंद्र और एसपीओ कप्तान सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जून 2020 की इस वारदात में, पुलिसकर्मियों ने कुछ लोगों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था, जिसके बाद हुई कहासुनी में उनकी चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह ने सिपाही व स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) की हत्या के मामले में चिल्ड्रन इन कॉन्फ्लिक्ट विद लॉ (सीसीएल) समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जून, 2020 के मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह की अदालत में चल रही थी। सजा के साथ ही दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में एक आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। एक आरोपी भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। उसे गिरफ्तारी के बाद सजा सुनाई जाएगी।

पुलिस चालान के अनुसार 29 जून, 2020 की रात को बुटाना चौकी में नियुक्त सिपाही रवींद्र व एसपीओ कप्तान सिंह गश्त पर गए थे। जब वह जींद रोड स्थित गांव बुटाना में ही बंद पड़े हरियाली बाजार सेंटर के सामने पहुंचे थे तो एक कार खड़ी मिली थी। वहां कुछ युवक शराब पी रहे थे। दो युवतियां भी मौजूद थीं। पुलिस कर्मियों ने कोरोना अनलॉक में रात्रि कर्फ्यू के चलते उन्हें चौकी ले जाने की कोशिश की थी तो युवकों ने उन पर हमला कर दिया था। उनकी हत्या कर आरोपी भाग गए थे। 30 जून, 2020 को सुबह घटना का पता लगते ही पुलिस ने नाकाबंदी कर दी थी। जांच के दौरान जींद क्षेत्र में आरोपी जींद की अजमेर बस्ती निवासी अमित से पुलिस की मुठभेड़ हो गई थी। उसने पुलिस पर हमला किया था। हमले में इंस्पेक्टर समेत दो कर्मी घायल हो गए थे। तब पुलिस मुठभेड़ में आरोपी अमित की मौत हो गई थी।

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पुलिस ने उसके साथी हिसार के नारनौंद स्थित किन्नर नाडा व घटना के समय जींद के रामनगर निवासी संदीप को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में पता लगा था कि दो लड़कियों आशा व एक अन्य से मिलने आरोपी वहां आए थे। बाद में पुलिस ने आरोपी मूलरूप से भिवानी के घुसकानी व घटना के समय रोहतक की शास्त्री कॉलोनी निवासी विकास और जींद के गांव पाथरी निवासी नीरज को गिरफ्तार कर लिया था। रिमांड में विकास ने बताया था कि उसने सिपाही रविंद्र कुमार को पकड़ रखा था। अमित सामने से चाकू से वार कर रहा था। रविंद्र ने पीछे की ओर पैर घुमा कर लात मारने का प्रयास किया तब आशा ने उनकी टांग पकड़ी ली थी। नीरज ने कप्तान सिंह को पकड़ा हुआ था। मामले में आरोपी आशा व एक लड़की को अभिरक्षा में लिया गया था। वह नाबालिग मिली थी। विकास जमानत मिलने के बाद भूमिगत हो गया था। उसे भगोड़ा घोषित किया गया है।

अब सुनवाई के बाद एएसजे नरेंद्र सिंह ने सीसीएल समेत चार आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने सीसीएल को बालिग की तरह मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, दोषी आशा, नीरज व संदीप को हत्या समेत अन्य धाराओं में उम्रकैद की सजा दी है। प्रत्येक पर साढ़े सात हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर साढ़े आठ माह अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

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